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इंटेक द्वारा म्यूजियम ऑफ शेखावाटी, नवलगढ़ में विरासत शिक्षा के लिए दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ



नवलगढ़। विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने तथा विद्यालयों में विरासत शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास (INTACH) के झुंझुनूं चैप्टर द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

इंटेक के झुंझुनूं चैप्टर के कन्वीनर राघवेंद्र सिंह डूंडलोद ने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को विरासत शिक्षा के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जाएगा, ताकि वे विद्यार्थियों में सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति जागरूकता विकसित कर सकें।

कार्यक्रम के प्रथम दिन इंटैक हेरिटेज एजुकेशन एंड कम्युनिकेशन समिति की प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. पूर्णिमा दत्त ने विरासत के विभिन्न स्वरूपों तथा उनके संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इंटैक की कार्यक्रम समन्वयक वैष्णवी सिंह ने प्रतिभागियों को विरासत शिक्षा के महत्व से अवगत कराया। वहीं, झुंझुनूं चैप्टर के सह-संयोजक अतुल खन्ना ने इंटैक की शैक्षणिक गतिविधियों एवं संसाधनों की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों को स्थानीय इतिहास और संस्कृति से जोड़ने के लिए विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए। डॉ. जावेद अली ने शेखावाटी क्षेत्र के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला। 

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने भाग लिया। अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत कार्यक्रम प्रभारी राहुल परिहार ने किया।