डूण्डलोद । डूण्डलोद पब्लिक स्कूल, डूण्डलोद में आज ओजोन दिवस मनाया गया । इस अवसर पर अध्यापिका एनी एलिजाबेथ जॉय ने ओजोन के महत्व पर प्रकाश डाला। अध्यापिक कनकशीला एवं अवंतिका के निर्देशन में छात्र-छात्राआंे ने ‘हमारा सुरक्षा कवच‘ विषय पर एक लघु नाटिका का मंचन किया।
प्राचार्य जी. प्रकाश ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि ओजोन को कम करने वाले अनेक कारण हैं, लेकिन सब से खतरनाक कारण क्लोरोफ्लोरो कार्बन रासायनिक पदार्थ है। एयरकंडीशनर्स द्धारा इसे वायुमंडल में छोड़ा जाता है जिससे ओजोन की परत गहरी प्रभावित होती है। धीरे-धीरे सीएफसी का उत्पादन बढता जा रहा है और ओजोन परत को क्षति पहुँचा रहा है। विश्व के अधिकांश देश ही इस समस्या का कारण हैं। चीन और हमारे देश में दुनिया की एक तिहाई जनसंख्या निवास करती है लेकिन हमारा देश व चीन केवल तीन प्रतिशत क्लोरो-फ्लोरो कार्बन को उत्सर्जित करते है, जबकि पश्चिमी देश इसका सत्यानवे प्रतिशत उत्सर्जन करते है। सारे विश्व के सामूहिक प्रयत्नांे से ही धरती के रक्षा कवच ओजोन की रक्षा की जा सकेगी, जिससे धरती का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
विधालय सचिव बी.एल.रणवां ने कहा कि जब तक मनुष्य प्रकृति के साथ तालमेल स्थापित नहीं करता तब तक उसकी औधोगिक प्र्र्रगति व्यर्थ है। इस प्रगति को नियंत्रण में रखने की आवश्यकता है। मशीन हम पर शासन न करे बल्कि हम मशीन पर शासन करें। हम ऐसे औधोगिक विकास से विमुख रहंे, जो हमारे सहज जीवन में बाधा डाले। औधोगिक प्रगति की सार्थकता इसमें है कि मनुष्य सुखी, स्वस्थ एवं संपन्न बना रहे। इसके लिए यह जरुरी है कि प्रकृति को सहज रुप से अपना कार्य करने के लिए अधिक से अधिक अवसर दिया जाए तभी हमारा सुरक्षा कवच सुदृढ होगा।
