खबर - प्रदीप कुमार सैनी
एसडीएम व बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ से किए गए लिखित समझौते लागू नही करने के विरोध में दिया धरना
दांतारामगढ़ (सीकर)। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ उपशाखा दांतारामगढ़ ने गुरुवार को पंचायत समिति कार्यालय के सामने राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ से 8 सूत्री मांगों को लेकर किए गए लिखित समझौते पंचायती राज विभाग द्वारा लागू नही करने के विरोध में वादा खिलाफी आक्रोश आंदोलन कर मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी राजेश कुमार मीणा व कार्यवाहक विकास अधिकारी रामनिवास झाझड़िया को ज्ञापन सौंपा। धरना व ज्ञापन देने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष रामचंद्र सिंह, ग्राम विकास अधिकारी अर्जुनलाल, अंकित सैनी, दिलीप वर्मा, सुनील मीणा, मंजू मीणा, गणेश यादव, राजेश मीणा, जितेंद्र कुमावत, कृष्णावतार, शिवोम मीणा , महेश मीणा, शंकर लाल मीणा व कृष्ण परनामी आदि शामिल थे।
राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ उपशाखा दांतारामगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने बताया कि पंचायती राज विभाग मुख्यमंत्री कार्यालय और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के हस्ताक्षरित संदर्भित समझौते लागू नहीं कर प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारियों के साथ विश्वासघात कर रहा है, जिसके कारण प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारियों में जबर्दस्त निराशा तथा आक्रोष व्याप्त हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा प्रशासन गांव के संग अभियान-2021 के दौरान आंदोलनरत ग्राम विकास अधिकारी संघ से 1 अक्टूबर 2021 को किए गए समझौते में 15 नवंबर तक मांगो पर सकारात्मक आदेश जारी करने का पूर्ण आश्वासन दिया गया था। उसके पश्चात निर्धारित समयावधि में आदेश जारी नहीं करने पर संगठन द्वारा माह दिसंबर में पुनः आंदोलन किया गया, जिसमें संगठन के साथ 11 दिसंबर 2021 को मंत्री के द्वारा स्व हस्ताक्षरित समझौता करते हुए 30 से 45 दिवस में महत्वपूर्ण मांगों पर आदेश जारी करवाने का पूर्ण आश्वासन दिया गया था।
मुख्यमंत्री कार्यालय के समझौते को 9 माह तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के समझौते को 6 माह से ज्यादा समय व्यतीत हो चुका है, लेकिन आज तक महत्वपूर्ण मांगों पर आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इस समयावधि में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा विभाग के अधिकारियों को बार-बार ज्ञापन दिया गया, लेकिन हमारे आग्रह को लगातार दरकिनार किया जा रहा हैं।
विभाग द्वारा समझौते के विपरीत सहायक विकास अधिकारियों के काटे गए 106 पदों को पुनसृजित करने के स्थान पर हाल ही में विभाग द्वारा इनके पदस्थापन की पत्रावली चला दी गई हैं। इसी प्रकार माह जुलाई में ग्राम विकास अधिकारियों के 5396 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने जा रही है, उसके पश्चात अंतर जिला स्थानांतरण भी संभव नही होगा। विभाग द्वारा मुख्यमंत्री की कर्मचारी हितैषी भावना के विपरीत संवर्ग के हितों पर लगातार कुठाराघात करने के कारण विवश होकर संगठन को शासन एवं सरकार के ध्यानाकर्षण के लिए आंदोलन को मजबूर होना पड़ा हैं। संगठन की सर्वाधिक महत्वपूर्ण मांग ग्राम विकास अधिकारियों की वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे 3600 करना, ग्राम विकास अधिकारियों के पदोन्नति पद सहायक विकास अधिकारी के समाप्त किए गए 106 पदों को पुनः सृजित करते हुए 14 में 671 नवीन पद सृजित करना, अन्य जिलों में पद स्थापित ग्राम विकास अधिकारियों को गृह जिले में पद स्थापित करने की मुख्यमंत्री तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री से अनुमोदित पत्रावली की पालना में पॉलिसी जारी करना, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम-1994 एवं उच्च न्यायालय की एकल पीठ तथा खंडपीठ के निर्णय के विरुद्ध ग्राम विकास अधिकारी पद का चार्ज कनिष्ठ लिपिक को देने के जारी किए गए आदेश को प्रत्याहारित करना, विगत 9 वर्षों से ग्राम विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के अतिरिक्त चार्ज पर दिए जा रहे अतिरिक्त प्रभार भत्ते में कटौती के किए गए आदेश को प्रत्याहारित करना मांगों को पूर्ण करवाने व समझौता पर सकारात्मक आदेश जारी करवाने के लिए संगठन द्वारा 30 जून 2022 से संपूर्ण प्रदेश में वादा खिलाफी आक्रोश आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन अभी तक मांगों पर आदेश जारी नहीं करने के कारण आन्दोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया हैं।
वादा खिलाफी आक्रोश आंदोलन के आगामी चरण :-
27.07.2022, बुधवार : समझौता लागू करो ट्विटर महाअभियान।
01.08.2022, सोमवार : क्षमा याचना दिवस-4 अगस्त, 2022 से प्रारम्भ किए जा रहे अनिश्चितकालीन कलम बन्द असहयोग आन्दोलन से पंचायतीराज सम्मानित जनप्रतिनिधियों/सम्मानित अधिकारियों एवं आमजन को होने वाले कष्ट के लिए क्षमा याचना दिवस मनाया जायेगा।
04.08.2022, गुरूवार : मांगों के समर्थन में सम्पूर्ण कार्यों का बहिष्कार के साथ अनिश्चितकालीन कलम बन्द असहयोग आन्दोलन।
01.09.2022, गुरूवार : मांगे माने जाने तक शहीद स्मारक जयपुर पर आमरण अनशन।
ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग की महत्वपूर्ण मांगें : -
1. ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग की पांचवें व छठे वेतन आयोग की वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे 3600 किया जाये एवं 9, 18 तथा 27 वर्ष की सेवा पर एसीपी के स्थान पर 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति पद का वेतनमान स्वीकृत किया जाये।
2. संगठन से पूर्व समझौतों की पालना में ग्राम विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी के 1:4 के अनुसार सहायक विकास अधिकारी के 565 नवीन पद सृजित करना एवं सहायक विकास अधिकारी के समाप्त किए गए 106 कार्यालय पदों को मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के आश्वासन की पालना में पुनः सृजित करना।
3. जिला कैडर परिवर्तन (अंतर जिला स्थानांतरण) के लिए एक बारीय शिथिलन प्रदान करने की पॉलिसी जारी करना।
4. विगत 2 वर्षों (2020-21 ) की ग्राम विकास अधिकारी से सहायक विकास अधिकारी के पद पर लंबित पदोन्नतियां करना तथा रिव्यू डीपीसी करना।
5. राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 एवं राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 तथा उच्च न्यायालय की एकल पीठ व खण्ड पीठ के निर्णय के विरूद्ध ग्राम विकास अधिकारी पद का चार्ज कनिष्ठ लिपिक को देने के विभागीय आदेश को प्रत्याहारित किया जाये।
6. ग्राम पंचायत के अतिरिक्त कार्यमार पर ग्राम विकास अधिकारियों को विगत 10 वर्षों से दिए जा रहे अतिरिक्त प्रभार भत्ते में की गई कटौति के आदेश को प्रत्याहारित किया जाये।
7. ग्राम विकास अधिकारियों को प्रदत्त कार्यों की समीक्षा तथा मूल्यांकन के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर कमेटी की प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर वेतन, भत्ते व अन्य संशाधनों में वृद्धि को स्वीकृत करना।
8. ग्राम पंचायतों में विविध ऑनलाइन कार्यों के संबंध में प्रशिक्षण एवं संशाधन उपलब्ध करवाना।
