डूण्डलोद । डूण्डलोद पब्लिक स्कूल, डूण्डलोद के विधालय परिसर में आज मदर्स डे मनाया। इस अवसर पर छात्रा सिद्धि ने ‘माँ‘ के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्रा कनिका ने ‘माँ‘ की ममता विषय पर कविता पाठ किया। अध्यापिका वंदना ने हमारे जीवन में माँ के महत्वपुर्ण स्थान के बारे में बताया।
विधालय सचिव बी.एल.रणवां ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक जीव का अस्तित्व उसकी माँ के कारण ही होता है। प्रत्येक व्यक्ति की सफलता के पीछे ‘माँ‘ के दिए हुए संस्कार ही होते है। अपनी संतान को चरित्रवान एवं गुणवान बनाने में सर्वाधिक योगदान माँ का ही होता है।
प्राचार्य जी.प्रकाश ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि जननी ‘जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी‘ अर्थात् जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान हैं। पवित्र बाइबल में बहुत ही सुंदर अक्षरों में यह लिखा गया है कि प्रभु अपने बच्चांे की रक्षा करने के लिए प्रत्येक स्थान पर नहीं हो सकता इसलिए उन्होनें माँ की संरचना की हैं, अर्थात् हमारे जीवन में ‘माँ‘ का स्थान ईश्वर तुल्य हैं। ‘माँ‘ एक ऐसा शब्द है जो प्रत्येक बच्चा जब जीवन में पहली बार बोलना सीखता है तो वह सर्वप्रथम ‘माँ‘ शब्द ही बोलता है और फिर उसके जीवन में जब कभी कोई कष्ट आता है तो उसके मुख से सर्व प्रथम ‘माँ‘ शब्द ही निकलता है। कई बार हम ईश्वर का नाम लेना भी भूल जाते है, लेकिन अपनी ‘माँ‘ का नाम लेना कभी नहीं भूलते।
इस कार्यक्रम में उपप्रधानाचार्य धनंजय लाल, विधालय प्रभारी शशि ढ़ाका, सुमनलता एवं मनजीत कौर उपस्थित थे।


