झुंझुनू - आजकल कयास खूब लगाए जा रहे है की इसकी टिकट कटेगी उसकी टिकट कटेगी। ये कयास तो लगेंगे ही। इसका मुख्य कारण कई दावेदारों का होना। जो दावेदार होगा उसके समर्थक अपने नेता की बड़ाई करेगा और दूसरे नेता की कमियां निकलेगा। यही हो रहा है जमकर झुंझुनू में वो भी सोशल मीडिया पर यही नहीं लोग जुबानी जमा खर्च भी खूब कर रहे है। समर्थक अपने अपने नेता की टिकट पक्की करने में लगे है। अब देखिए बीजेपी में जो दावेदार है वो है संतोष अहलावत , दशरथ सिंह शेखावत,बनवारी लाल सैनी, प्रेम सिंह बाजौर , राजेंद्र भामू , नरेंद्र खीचड़ सहित कोई और भी हो सकता है जिसका नाम भी नहीं हो और पैराशूट से आ जाये जैसा की होता है।
अब कांग्रेस की बात करते है - राजबाला ओला ,श्रवण कुमार , डॉ चंद्रभान ,सुरेश कटेवा , ये लोग प्रमुख है लेकिन वही बात पैराशूट वाली।
अब बात जो सही है कयास लगाए जाओ लेकिन जो होना वो ये है की टिकट हाईकमान फाइनल करेगा।
जिसका जो सर्वे होना है वो हो चूका है।
जनता किस्से राजी है किस्से नाराज चुनाव के बाद पता चल जायेगा।
एक सलाह कोई अपनों से व्यक्तिगत दुश्मनी ना ले। नेता ,नेता ही होते है। हम सभी को साथ रहना है।
प्रेम से बात करें , माहौल को सौहार्दपूर्ण ही रखे ,
अभी जो राजस्थान विधानसभा के चुनाव हुए थे उसमे जो सोशल मीडिया पर गंदगी उछली थी वैसी ना हो।
ये मेने बीजेपी और कांग्रेस के समर्थकों के लिए इसलिए लिखी है की इस पार्टी में दावेदार जयादा है।
अब कांग्रेस की बात करते है - राजबाला ओला ,श्रवण कुमार , डॉ चंद्रभान ,सुरेश कटेवा , ये लोग प्रमुख है लेकिन वही बात पैराशूट वाली।
अब बात जो सही है कयास लगाए जाओ लेकिन जो होना वो ये है की टिकट हाईकमान फाइनल करेगा।
जिसका जो सर्वे होना है वो हो चूका है।
जनता किस्से राजी है किस्से नाराज चुनाव के बाद पता चल जायेगा।
एक सलाह कोई अपनों से व्यक्तिगत दुश्मनी ना ले। नेता ,नेता ही होते है। हम सभी को साथ रहना है।
प्रेम से बात करें , माहौल को सौहार्दपूर्ण ही रखे ,
अभी जो राजस्थान विधानसभा के चुनाव हुए थे उसमे जो सोशल मीडिया पर गंदगी उछली थी वैसी ना हो।
ये मेने बीजेपी और कांग्रेस के समर्थकों के लिए इसलिए लिखी है की इस पार्टी में दावेदार जयादा है।
