विकास कनवा
शेखावाटी - झुंझुनू जिले के नवलगढ़ की एक खबर पढ़ी की सेटेलाइट अस्पताल और सामान्य अस्पताल की। नवलगढ़ विधायक ने अपने शहर में अस्पताल अपग्रेड करवाया । वित्तीय वर्ष 2011 -2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट में नवलगढ़ के लिए 50 से 100 बेड और २ वरिष्ठ विशेषज्ञ मेडिसन व सर्जरी 5 कनिष्ठ विशेषज्ञ।रेडियो ,निश्चेतन,दन्त,इ एन टी एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ ,एक वरिष्ठ अधिकारी ,4 चिकित्सा अधिकारी ,2 नर्स ग्रेड प्रथम ,नर्स ग्रेड द्वितीय 16 ,कनिष्ट लिपिक 2 ,फार्माशिष्ट 1 ,नेत्र सहायक 1 ,वार्ड बॉय 5 कुल मिलकर 39 का स्टाफ नवलगढ़ के लिए था बजट में अलग से । अब बात करते है सेटेलाइट अस्पताल की 1 /9 /2016 ो एक आदेश में जो मेरे पास है उसमें लिखा है की चाकसू को सेटेलाइट अस्पताल बनाया जाता है जो 50 बेड का होगा अन्य सेटेलाइट अस्पताल की तरह और स्टाफ कितना होगा वो तो आप बेड की संख्या के हिसाब से लगा लीजियेगा।
नवलगढ़ अस्पताल में 21 चिकित्सक होने चाहिए है अब मौजूद एक की संख्या में चिकित्सक है दहाई भी नहीं। 2 डेंटिस्ट ,एक मुख्य चिकित्सा अधिकारी ,एक ऑर्थो का एक आँखों का ,एक फोरेंसिक ,और एक डेपुटेशन पर सूरजगढ़ में है एक दो और है। शानदार ऑपरेशन थियेटर है 3 या 4 शायद। सेटेलाइट से बेहतर सुविधा वाला।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 6 बेड का होता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 30 बेड का
स्टेटलाइट 50 बेड का जो चाकसू वाले नियम में लिखा है उसके आधार पर।
लोकतंत्र में आरोप लगाने का अधिकार है आप आरोप जरूर लगाए अगर आपको सही लगता है तो लेकिन आप के पास अगर पावर है तो उसका इस्तेमाल जनता के हित के लिए करें और इस बड़े शानदार अस्पताल को सुचारु रूप से चलाने के लिए अपना योगदान दे। आरोप लगाना अच्छी और बुरी दोनों मानसिकता का परिचायक होता है। राजनीती में आरोप प्रत्यारोप न हो तो कोई मजा नहीं आता। कौन कितना भ्र्ष्टाचार करता है कोई ओपन हो जाता है और कोई सामने नहीं आता है । हम किसी पर आरोप नहीं लगाते। अगर कोई भ्र्ष्टाचार करता है तो उसे सामने लाना चाहिए चाहे कोई भी हो। मेने जो लिखा है उसके पेपर वाट्सअप पर वायरल हो रहे है मेने यह जानकारी उनसे ही ली है । और नवलगढ़ अस्पताल की जानकारी मुझे थी। इसलिए ये लिखने की कोशिश की और क्या सही है क्या गलत है। वो समय पर सामने आ ही जाता है।
ये मेरी खुद की राय है बाकी आप समझदार है।
