विकास कनवा
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने घोषित किया परीक्षा परिणाम
राजस्थान । शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने शनिवार को शिक्षा
संकुल स्थित सभागार में कोटा विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा आयोजित
प्री-बीएसटीसी (सामान्य) तथा प्री-बीएसटीसी (संस्कृत) प्रवेश पूर्व
परीक्षा-2017 का परीक्षा परिणाम जारी किया। देवनानी ने
परीक्षा में वरीयता सूची में स्थान बनाने वाले तथा सफल रहे परीक्षार्थियों
को व्यक्तिशः बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने
बताया कि प्री-बीएसटीसी (सामान्य) के अंतर्गत वरीयता सूची में 513 अंक
प्राप्त कर जालौर की सुमित्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि
द्वितीय स्थान पर 509 अंक प्राप्त कर अलवर के सन्नी अरोड़ा रहे हैं।
इसी प्रकार 505 अंक प्राप्त कर जालौर के मोहनलाल वरीयता सूची में
तृतीय स्थान पर रहे हैं। उन्होंने बताया कि महिला वर्ग में वरीयता सूची में
जालौर की सुमित्रा (प्राप्तांक, 513) प्रथम स्थान पर, द्वितीय
स्थान पर नागौर की सुमित्रा सारस्वत (प्राप्तांक 501) तथा तृतीय
स्थान पर बाड़मेर की सुश्री दमी (प्राप्तांक 498) रही हैं। शिक्षा
राज्य मंत्री ने बताया कि प्री-बीएसटीसी (संस्कृत) के अंतर्गत वरीयता सूची
में भरतपुर की सुश्री रेखा शर्मा ने 487 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान
प्राप्त किया है, वहीं जालौर के मितुल कुमार ने 468 अंक प्राप्त कर
द्वितीय स्थान तथा अलवर की सुश्री पूनम कश्यप पर ने 465 अंक प्राप्त कर
तृतीय स्थान प्राप्त किया है। देवनानी ने बताया कि
प्री-बीएसटीसी (सामान्य) एवं बीएसटीसी (संस्कृत) परीक्षा में कुल 4 लाख 32
हजार 499 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिसमें से 3 लाख 91 हजार 027 अभ्यर्थियों ने
परीक्षा दी। बीएसटीसी में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी बीएसटीसी सामान्य एवं
बीएसटीसी संस्कृत पाठ्यक्रमों में इनके द्वारा चुने गये विकल्प के अनुसार
ऑनलाइन काउंसलिग प्रक्रिया में भाग लेकर बीएसटीसी परीक्षा के प्राप्तांकों
की वरीयता के आधार पर राजस्थान में स्थित 300 महाविद्यालयों की 18 हजार 570
सीटों पर प्रवेश प्राप्त कर सकते है। इससे पहले कोटा विश्वविद्यालय
के कुलपति पी.के. दशोरा ने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से
विश्वविद्यालय ने इस परीक्षा का सफलतम आयोजन किया। परीक्षा समन्वयक प्रो.
राजीव जैन ने बताया कि प्रवेश पूर्व परीक्षा 30 अप्रैल 2017 को राज्य के
समस्त जिला मुख्यालयों एवं विभिन्न उपखण्ड व तहसील मुख्यालयों पर आयोजित की
गई थी
