रिपोर्ट,- विकास कनवा
उदयपुरवाटी सड़कें बनी, गाड़ियां चली मुश्किल डगर आसान हुई। यह पता ही नही चला सड़क पर खड़े एक वाहन ने कब, ¨जदगी की खुशियों को वीरान कर दिया। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते स्टेट राजमार्ग के किनारे लावारिस हालत में खड़े वाहन कब मौत को दावत दे दें, कहा नहीं जा सकता है। इन खड़े वाहनों में आए दिन भोर व रात में सामने या पीछे से आकर वाहन टकरा जाते हैं। कहने को तो संबंधित थानों के सिपाहियों को रात व दिन में प्रत्येक चौराहों पर गश्त पर रहने के निर्देश हैं, लेकिन वह कभी कभार ही सड़क पर दिखाई देते हैं। सीकर जयपुर स्टेट हाईवे पर नांगल नदी से लेकर पुलिस थाने तक सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है घूम चक्कर से उनकी नंबर 3 सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है आसपास सड़क पर खड़े किए जाने वाले भारी वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। इन वाहनों में न तो पार्किंग लाइट जलाई जाती है और न ही रेडियम रिफलेक्टर होते हैं, जिससे कोई भी गाड़ी आकर इनसे टकरा जाती है। प्रशासन द्वारा वाहन चालकों पर नकेल न कसे जाने का नतीजा है कि आए दिन राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं में सबसे अधिक घटनाएं इन वाहनों के ही कारण हो रही हैं। ऐसे वाहन रोज खड़े दिखाई दे जाएंगे, जिनके न तो इंडीकेटर जलते हैं और न ही ब्रेक बत्ती ही जलती है। ,सुबह से लेकर शाम तक वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है। वाहन चालक सड़क पर गाड़ियों को मनमानी खड़ा कर अपने काम को निकाल जाते हैं। यही वजह है कि दुघर्टनाओं में इजाफा हो रहा है तथा यात्रियों को जान गंवानी पड़ रही है।
उदयपुरवाटी सड़कें बनी, गाड़ियां चली मुश्किल डगर आसान हुई। यह पता ही नही चला सड़क पर खड़े एक वाहन ने कब, ¨जदगी की खुशियों को वीरान कर दिया। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते स्टेट राजमार्ग के किनारे लावारिस हालत में खड़े वाहन कब मौत को दावत दे दें, कहा नहीं जा सकता है। इन खड़े वाहनों में आए दिन भोर व रात में सामने या पीछे से आकर वाहन टकरा जाते हैं। कहने को तो संबंधित थानों के सिपाहियों को रात व दिन में प्रत्येक चौराहों पर गश्त पर रहने के निर्देश हैं, लेकिन वह कभी कभार ही सड़क पर दिखाई देते हैं। सीकर जयपुर स्टेट हाईवे पर नांगल नदी से लेकर पुलिस थाने तक सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है घूम चक्कर से उनकी नंबर 3 सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है आसपास सड़क पर खड़े किए जाने वाले भारी वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। इन वाहनों में न तो पार्किंग लाइट जलाई जाती है और न ही रेडियम रिफलेक्टर होते हैं, जिससे कोई भी गाड़ी आकर इनसे टकरा जाती है। प्रशासन द्वारा वाहन चालकों पर नकेल न कसे जाने का नतीजा है कि आए दिन राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं में सबसे अधिक घटनाएं इन वाहनों के ही कारण हो रही हैं। ऐसे वाहन रोज खड़े दिखाई दे जाएंगे, जिनके न तो इंडीकेटर जलते हैं और न ही ब्रेक बत्ती ही जलती है। ,सुबह से लेकर शाम तक वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है। वाहन चालक सड़क पर गाड़ियों को मनमानी खड़ा कर अपने काम को निकाल जाते हैं। यही वजह है कि दुघर्टनाओं में इजाफा हो रहा है तथा यात्रियों को जान गंवानी पड़ रही है।