रिपोर्ट - विकास कनवा
वृहद पैमाने पर हो रही तैयारियां, 84 बीघा में लग रहा टेंट, 52 कैमेरों से होगी निगरानी
बाँसवाड़ा। जिले में अन्तर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त तलवाड़ा ग्राम पंचायत
के उमराई गाँव स्थित शक्तिपीठ त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर में आगामी 7 से 12 मई
तक स्वर्ण शिखर प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होगा। इस विराट आयोजन को सफल
बनाने के लिए इन दिनों वृहद पैमाने पर तैयारियों की जा रही हैं।
ट्रस्ट
व शिखर प्रतिष्ठा समिति के अध्यक्ष अशोक पंचाल ने बताया कि प्रतिष्ठा
महोत्सव के लिए इन दिनों यज्ञ मण्डप, भोजन शाला व अन्य कार्यों के लिए करीब
84 बीघा क्षेत्र में विशाल पाण्डाल-टेण्ट लगाने का कार्य किया जा रहा है
तथा मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयोजन
दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र 52 सीसीटीवी कैमेरों के माध्यम से निगरानी रखी
जाएगी। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर व बाहर के लिए 22 कैमेरे तथा
प्रतिष्ठा-यज्ञ मण्डप क्षेत्र के लिए 30 सीसीटीवी कैमेरे लगाए जा रहे हैं।
आयोजन
के लिए मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ समाज के युवाओं का दल लगा हुआ
है। शुक्रवार को आयोजन में विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े व्यक्तियों की बैठक
आयोजित की गई जिसमें ट्रस्ट अध्यक्ष अशोक पंचाल ने विभिन्न व्यवस्थाओं
संबंधित जिम्मेदारियों का वितरण किया। इस दौरान समाज के पूर्व अध्यक्ष
लालजी पंचाल, महामंत्री नटरवरलाल पंचाल, महेश पंचाल, हीरालाल पंचाल,
सुरेन्द्र पंचाल सहित अन्य कार्यकर्त्ता मौजूद थे।
यह रहेगा प्रतिष्ठा कार्यक्रम
शिखर
प्रतिष्ठा समिति के अध्यक्ष अशोक पंचाल ने बताया कि मार्गदर्शक पंडित
दिव्यभारत पण्ड्या व प्रतिष्ठाचार्य पंडित निकुन्ज मोहन पंड्या द्वारा
आगामी 7 से 12 मई तक धार्मिक आयोजन करवाए जाएंगे। इसके तहत 7 मई, रविवार को
शुद्धिकरण, हेमाद्री स्नान, पूजन एवं प्रायश्चितांग होगा। 8 मई, सोमवार को
प्रातःकाल दीप प्रज्जवलन, मण्डप प्रवेश, गणेशादि देव पूजन, अग्नि स्थापना,
दुर्गासप्तशती पाठ, श्री सूक्त पाठ एवं श्री चक्रविधान, 9 मई मंगलवार को
देव पूजन, दुर्गासप्तशती पाठ, कुटीर होम, मूर्ति संस्कार व सूक्ठ पाठाहुति,
10 मई बुधवार को सुबह 9 बजे शोभायात्रा व कलश यात्रा, मंदिर, शिखर व
मूर्ति स्नपन वास्तु एवं वारूण मण्डल विधान, 11 मई गुरुवार को देव पूजन,
पाठाहुति, मूर्ति शैय्याविधास आदि तथा 12 मई शुक्रवार को मूर्ति, शिखर,
ध्वजदण्ड आदि प्रतिष्ठा दोपहर 12ः27 बजे पूर्णाहुति, महाआरती एवं महाप्रसाद
के आयोजन होंगे। इस भव्य आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी शिखर प्रतिष्ठा समिति
की होगी। इस समिति के अध्यक्ष अशोक पंचाल, मुख्य मार्गदर्शक गंगाराम पंचाल
तथा लालजी पंचाल, प्रतापजी पंचाल, राजेन्द्र्रपसाद पंचाल, भंवरलाल पंचाल,
कारीलाल पंचाल, कांतिलाल पंचाल व अंबालाल पंचाल मार्गदर्शक होंगें।
रंगारंग कार्यक्रम भी होंगे
इस
विशाल आयोजन के दौरान विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। आगामी 7 मई,
रविवार को हिम्मतनगर के प्रवीण रावत द्वारा गुजराती भजन संध्या में
प्रस्तुति दी जाएगी। 8 मई सोमवार को होने वाले गरबा रास में अहमदाबाद की
सुश्री भूमि पंचाल द्वारा गरबे गाए जाएंगे। 9 मई मंगलवार को मध्यप्रदेश के
जनकरामायणी समूह द्वारा माताजी के भजन तथा मोंटी नटराजन ग्रुप दिल्ली
द्वारा धार्मिक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। 10 मई बुधवार को उज्जैन की
सुश्री मनीषा विश्वकर्मा द्वारा देवी भागवत सार का ज्ञान प्रवाह होगा। 11
मई गुरुवार को जालौर के बाल कलाकार सुरेश लौहार द्वारा मारवाड़ी भजनों की
प्रस्तुति होगी।
कई विशिष्ट-अतिविशिष्ट जन करेंगे शिरकत:
पंचाल
समाज चौदह चौखरा के कोषाध्यक्ष अम्बालाल पंचाल ने बताया कि इस विशाल
धार्मिक कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती
वसुन्धरा राजे सहित देश के 12 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसके
अलावा विभिन्न साधु संत और श्रद्धालु भी इस आयोजन के साक्षी बनेंगे।
हर शिला का हुआ पूजन
आधुनिक
युग में भारत का यह प्रथम मंदिर हैं जिसके निर्माण में लगी प्रत्येक शिला
का हवनात्मक पूजन एवं प्राण प्रतिष्ठा हुआ हो। इस मंदिर के पुराने स्वरूप
वाले मंदिर का शिखर उत्थापन 30 अप्रैल 2011 को किया गया। वर्तमान मंदिर के
नींव में कूर्मशिलाओं की स्थापना 3 जून 2011 को हुआ। पंचाल समाज ने अर्थ
संग्रह कर विभिन्न शिला पूजन समारोहों द्वारा नवीन मंदिर निर्माण का कार्य
पूर्ण किया। प्रथम शिला पूजन समारोह 23 जून 2011 में हुआ। अब तक कुल 58
शिला पूजन समारोहों के माध्यम से 24 अप्रैल 2016 तक 1223 दान दाताओं ने कुल
1889 शिलाओं का हवनात्मक पूजन कर मंदिर में प्रतिष्ठित किया।

