खबर - विकास कनवा
लगातार तीसरे जनआंदोलन में भी रंग लाया प्रधान का संघर्ष और आखिरकार झुकना पड़ा प्रशासन को, हुई जनता की जीत
नवलगढ़.करीब सवा दो वर्ष पहले ०७ फरवरी २०१५ को सभी संभावनाओं को दरकिनार कर चमत्कारीय रूप से प्रधान की कुर्सी पर काबिज होकर राजनैतिक पारी की शुरूआत करने वाले नवलगढ़ पंचायत समिति के प्रधान व सैनिक पुत्र गजाधर ढाका अल्प समय में ही क्षेत्र के सशक्त जननेता के रूप में उभरकर सामने आए है। आमजन की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी ढंग से उठाकर उसे अंजाम तक पहुंचाने वाले ढाका ने थोड़े से समय में ही क्षेत्र की जनता में अपनी एक अलग पहचान बनाते हुए जहां अमिट छाप छोड़ी है तो वहीं आज वे आमजन के दिलोदिमाग भी छाए हुए है। इस थोड़े से समय में चाहे बात गांव मालोता जाटान के लोगों को न्याय दिलाने की हो या कर्ज से परेशान होकर मौत का शिकार हुए गांव सौंथली के किसान के परिवार के आश्रितों को न्याय दिलाने के लिए आमरण अनशन पर बैठने की । वो पीछे नही हटे और दोनो ही आंदोलनों में सरकार व प्रशासन को झुकना पड़ा और मांगे मनवाकर ही माने । इसके बाद जब नवलगढ़ में बस डिपों के पीछे आबादी क्षेत्र में कचरा डालने की समस्या से पीडि़त व पालिका की हठधर्मिता के शिकार लोगों ने प्रधान के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की तो उनसे लोगों की पीड़ा देखी नही गई और उन्होने लोगों को साथ लेकर पहले प्रशासन व जिले के आला अधिकारियों को पीड़ा से अवगत करवाया और समय सीमा निर्धारित कर वहां कचरा नही डालने की मांग की । लेकिन अवगत करवाने के बाद भी तय समय सीमा में प्रशासन की ओर से इस ओर ध्यान नही देने व ठोस कार्रवाई नही होने के चलते लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कचरा निस्तारण का स्थान बदलने की मांग को लेकर वे खुद जनता के साथ धरनें पर बैठ गए ।इस दौरान चाहे दिन की कड़ी धूप हो या रात की गर्मी वो जनता के साथ धरनास्थल पर ही डटे रहे। धरने को घूमचक्कर क्षेत्र के व्यापारियों ने भी सर्मथन देकर प्रतिष्ठान बंद रखे । दो दिन तक चले धरने में प्रशासन की ओर कई दौर की वार्ताए भी हुई। लेकिन प्रधान ने मांग नही माने जाने तक धरना जारी रखने की बात दोहराई और आखिरकार धरने के दूसरे दिन दोपहर बाद प्रशासन को झुकना पड़ा । प्रधान ढाका की अगुवाई में धरनार्थियों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की जिला कलक्टर प्रदीप कुमार बोरड़ के साथ हुई वार्ता में कलक्टर की ओर से कचरा निस्तारण का स्थान बदलने के निर्देश दिए जाने के बाद सहमति बन गई। इस मौके पर कलक्टर ने मिठाई खिलाकर धरना समाप्त करने की अपील की ।
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धरनास्थल पर पहुंचे ढाका तो लोगों ने किया अभूतपूर्व स्वागत
जिला कलक्टर से वार्ता करने के बाद शुक्रवार शाम को प्रधान ढाका धरनास्थल पर पहुंचे और इस संबंध में जानकारी दी तो लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी । इस मौके पर मौजूद लोगों ने माल्र्यापण कर प्रधान का अभिनंदन भी किया। तो वहीं धरने पर मौजूद महिलाओं ने सुभीता सीगड़ के नेतृत्व में पुष्प गुच्छ प्रदान कर कचरे की समस्या से निताज दिलवाने पर प्रधान का आभार जताया । इस मौके पर प्रधान ने इसको जनता की जीत करार दिया।
लगातार तीसरे जनआंदोलन में भी रंग लाया प्रधान का संघर्ष और आखिरकार झुकना पड़ा प्रशासन को, हुई जनता की जीत
नवलगढ़.करीब सवा दो वर्ष पहले ०७ फरवरी २०१५ को सभी संभावनाओं को दरकिनार कर चमत्कारीय रूप से प्रधान की कुर्सी पर काबिज होकर राजनैतिक पारी की शुरूआत करने वाले नवलगढ़ पंचायत समिति के प्रधान व सैनिक पुत्र गजाधर ढाका अल्प समय में ही क्षेत्र के सशक्त जननेता के रूप में उभरकर सामने आए है। आमजन की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी ढंग से उठाकर उसे अंजाम तक पहुंचाने वाले ढाका ने थोड़े से समय में ही क्षेत्र की जनता में अपनी एक अलग पहचान बनाते हुए जहां अमिट छाप छोड़ी है तो वहीं आज वे आमजन के दिलोदिमाग भी छाए हुए है। इस थोड़े से समय में चाहे बात गांव मालोता जाटान के लोगों को न्याय दिलाने की हो या कर्ज से परेशान होकर मौत का शिकार हुए गांव सौंथली के किसान के परिवार के आश्रितों को न्याय दिलाने के लिए आमरण अनशन पर बैठने की । वो पीछे नही हटे और दोनो ही आंदोलनों में सरकार व प्रशासन को झुकना पड़ा और मांगे मनवाकर ही माने । इसके बाद जब नवलगढ़ में बस डिपों के पीछे आबादी क्षेत्र में कचरा डालने की समस्या से पीडि़त व पालिका की हठधर्मिता के शिकार लोगों ने प्रधान के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की तो उनसे लोगों की पीड़ा देखी नही गई और उन्होने लोगों को साथ लेकर पहले प्रशासन व जिले के आला अधिकारियों को पीड़ा से अवगत करवाया और समय सीमा निर्धारित कर वहां कचरा नही डालने की मांग की । लेकिन अवगत करवाने के बाद भी तय समय सीमा में प्रशासन की ओर से इस ओर ध्यान नही देने व ठोस कार्रवाई नही होने के चलते लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कचरा निस्तारण का स्थान बदलने की मांग को लेकर वे खुद जनता के साथ धरनें पर बैठ गए ।इस दौरान चाहे दिन की कड़ी धूप हो या रात की गर्मी वो जनता के साथ धरनास्थल पर ही डटे रहे। धरने को घूमचक्कर क्षेत्र के व्यापारियों ने भी सर्मथन देकर प्रतिष्ठान बंद रखे । दो दिन तक चले धरने में प्रशासन की ओर कई दौर की वार्ताए भी हुई। लेकिन प्रधान ने मांग नही माने जाने तक धरना जारी रखने की बात दोहराई और आखिरकार धरने के दूसरे दिन दोपहर बाद प्रशासन को झुकना पड़ा । प्रधान ढाका की अगुवाई में धरनार्थियों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की जिला कलक्टर प्रदीप कुमार बोरड़ के साथ हुई वार्ता में कलक्टर की ओर से कचरा निस्तारण का स्थान बदलने के निर्देश दिए जाने के बाद सहमति बन गई। इस मौके पर कलक्टर ने मिठाई खिलाकर धरना समाप्त करने की अपील की ।
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धरनास्थल पर पहुंचे ढाका तो लोगों ने किया अभूतपूर्व स्वागत
जिला कलक्टर से वार्ता करने के बाद शुक्रवार शाम को प्रधान ढाका धरनास्थल पर पहुंचे और इस संबंध में जानकारी दी तो लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी । इस मौके पर मौजूद लोगों ने माल्र्यापण कर प्रधान का अभिनंदन भी किया। तो वहीं धरने पर मौजूद महिलाओं ने सुभीता सीगड़ के नेतृत्व में पुष्प गुच्छ प्रदान कर कचरे की समस्या से निताज दिलवाने पर प्रधान का आभार जताया । इस मौके पर प्रधान ने इसको जनता की जीत करार दिया।
