विकास कनवा
हस्ताक्षर महाअभियान का शुभारम्भ
शेखावाटी , आज नवलगढ़ में अम्बेडकर जयंति की पूर्वसंध्या पर जनसेवी गिरधारी लाल इंदौरिया ने अपने महत्वाकांक्षी महाअभियान का षुभारम्भ रामसा पीर के मन्दिर से कार्यकर्ताओ की उपस्थिति में किया। सर्वप्रथम रामसा पीर को महाअभियान की सफलता के लिये मन्नत का नारियल समर्पित किया और पुनीत महाअभियान की सफलता की प्रार्थना करी उसके बाद बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प समर्पित कर महान् हस्ती के प्रति अपना सम्मान प्रगट किया। इंदौरिया ने बताया कि बाबा साहब विश्व गगन पर एक दैदिप्यमान सितारा हैं और भारत के निर्माण में आपकी भूमिका सर्वोपरी है। आजादी दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले गांधीजी जब राष्ट्रपिता हो सकते हैं तो बाबा साहेब जिनके अथक परिश्रम से आजाद भारत एक संप्रभु राष्ट्र में परिवर्तित हुआ उन्हे राष्ट्रनिर्माता होने का पूरा अधिकार है। आरक्षण के नाम पर बाबा साहेब को सवर्ण जातियों और वर्ग विषेष के बीच खाई बनाने के लिये इस्तेमाल करना हिन्दु विभाजन की राजनीति है। बाबा साहेब प्रत्येक नागरिक के श्रद्धेय हैं और यही इस महाअभियान का मंतव्य है। भारत सरकार संसद में औपचारिक प्रस्ताव लाकर बाबा साहेब को राष्ट्र निर्माता घोषित करे। इस हेतु एक हस्ताक्षर महाअभियान क्षेत्र में चलाया जायेगा जिसके अंतर्गत इंदौरिया घर-घर जन-जन तक जायेंगे और हर नागरिक से हस्ताक्षर लेकर सहयोग मांगंेगे। फिर एक प्रार्थना पत्र के साथ यह अभियान केन्द्र सरकार को सौंपा जायेगा। महाअभियान का षुभारम्भ सर्वप्रथम नवलगढ़धणी बाबा रामसा पीर के हस्ताक्षर से हुआ फिर सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर कर इस महाअभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भोजराज सिंह, रवि रोलन, उमाषंकर शर्मा, विनय पोदार, दिलीप कुमावत, केतन षर्मा, षिम्भु कुमावत, गुमान गुर्जर, गणेश नारनौलिया, महेन्द्र झाझड़िया, प्रतीक सैन, संजय सैन, घासी सैन और विजयदीप सिंह आदि उपस्थित थे।
शेखावाटी , आज नवलगढ़ में अम्बेडकर जयंति की पूर्वसंध्या पर जनसेवी गिरधारी लाल इंदौरिया ने अपने महत्वाकांक्षी महाअभियान का षुभारम्भ रामसा पीर के मन्दिर से कार्यकर्ताओ की उपस्थिति में किया। सर्वप्रथम रामसा पीर को महाअभियान की सफलता के लिये मन्नत का नारियल समर्पित किया और पुनीत महाअभियान की सफलता की प्रार्थना करी उसके बाद बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प समर्पित कर महान् हस्ती के प्रति अपना सम्मान प्रगट किया। इंदौरिया ने बताया कि बाबा साहब विश्व गगन पर एक दैदिप्यमान सितारा हैं और भारत के निर्माण में आपकी भूमिका सर्वोपरी है। आजादी दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले गांधीजी जब राष्ट्रपिता हो सकते हैं तो बाबा साहेब जिनके अथक परिश्रम से आजाद भारत एक संप्रभु राष्ट्र में परिवर्तित हुआ उन्हे राष्ट्रनिर्माता होने का पूरा अधिकार है। आरक्षण के नाम पर बाबा साहेब को सवर्ण जातियों और वर्ग विषेष के बीच खाई बनाने के लिये इस्तेमाल करना हिन्दु विभाजन की राजनीति है। बाबा साहेब प्रत्येक नागरिक के श्रद्धेय हैं और यही इस महाअभियान का मंतव्य है। भारत सरकार संसद में औपचारिक प्रस्ताव लाकर बाबा साहेब को राष्ट्र निर्माता घोषित करे। इस हेतु एक हस्ताक्षर महाअभियान क्षेत्र में चलाया जायेगा जिसके अंतर्गत इंदौरिया घर-घर जन-जन तक जायेंगे और हर नागरिक से हस्ताक्षर लेकर सहयोग मांगंेगे। फिर एक प्रार्थना पत्र के साथ यह अभियान केन्द्र सरकार को सौंपा जायेगा। महाअभियान का षुभारम्भ सर्वप्रथम नवलगढ़धणी बाबा रामसा पीर के हस्ताक्षर से हुआ फिर सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर कर इस महाअभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भोजराज सिंह, रवि रोलन, उमाषंकर शर्मा, विनय पोदार, दिलीप कुमावत, केतन षर्मा, षिम्भु कुमावत, गुमान गुर्जर, गणेश नारनौलिया, महेन्द्र झाझड़िया, प्रतीक सैन, संजय सैन, घासी सैन और विजयदीप सिंह आदि उपस्थित थे।
