विकास कनवा
नवलगढ़ । रामसापीर यानि नवलगढ़ की आत्मा , चाहे किसी भी धर्म का प्राणी हो उसके दिल में भगवान रामसापीर बस्ते है । जब नवलगढ़ में रामसापीर का मेला लगता है तब तिल रखने की भी जगह नहीं होती है और श्रद्धालु अपनी धुन में बाबा रामसापीर की जय बोलते हुए आते है प्रसाद लगाते है और जो मांगना है वो मांग कर चले जाते है और बाबा सबकी मन्नत पूरी करता है । 28 जनवरी को बाबा रामसापीर की निशान यात्रा निकल रही है । उसके लिए समाजसेवी गिरधारी इन्दोरिया और उनकी टीम द्वारा घर घर जाकर निमंत्रण दिए जा रहे है । इन्दोरिया ने हिंदी न्यूज़ को बताया कि हम हर साल भंडारा व् जागरण तो करते ही है लेकिन इस बार रूपनिवास कोठी के सामने से निशान यात्रा ले जाने का निश्चय किया जिसमें नवलगढ़ की जनता का खूब जनसमर्थन मिल रहा है लोग अपने अपने हिसाब से इस कार्य में जुट गए है।
नवलगढ़ । रामसापीर यानि नवलगढ़ की आत्मा , चाहे किसी भी धर्म का प्राणी हो उसके दिल में भगवान रामसापीर बस्ते है । जब नवलगढ़ में रामसापीर का मेला लगता है तब तिल रखने की भी जगह नहीं होती है और श्रद्धालु अपनी धुन में बाबा रामसापीर की जय बोलते हुए आते है प्रसाद लगाते है और जो मांगना है वो मांग कर चले जाते है और बाबा सबकी मन्नत पूरी करता है । 28 जनवरी को बाबा रामसापीर की निशान यात्रा निकल रही है । उसके लिए समाजसेवी गिरधारी इन्दोरिया और उनकी टीम द्वारा घर घर जाकर निमंत्रण दिए जा रहे है । इन्दोरिया ने हिंदी न्यूज़ को बताया कि हम हर साल भंडारा व् जागरण तो करते ही है लेकिन इस बार रूपनिवास कोठी के सामने से निशान यात्रा ले जाने का निश्चय किया जिसमें नवलगढ़ की जनता का खूब जनसमर्थन मिल रहा है लोग अपने अपने हिसाब से इस कार्य में जुट गए है।
