विकास कनवा
‘डूंगरपुर नेचर क्लब’ सदस्यों ने की तीन जलाशयों पर बर्डवॉचिंग
कई प्रजातियों के पक्षियों की हुई साईटिंग
डूंगरपुर-सर्दियों की दस्तक के साथ ही एक ओर जहां दूर-दराज से प्रवासी पक्षियों का जलाशयों पर आगमन शुरू हो चुका है वहंी स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की जलक्रीड़ाओं को देखने के लिए पक्षीप्रेमियों का भी इन जलाशयों पर जुटना प्रारंभ हो गया है। रविवार को इसी श्रृंखला में ‘डूंगरपुर नेचर क्लब’ के सदस्यों ने रविवार को जिले के तीन जलाशयों पर बर्डवॉचिंग की और बड़ी संख्या में स्थानीय और प्रवासी परिंदों को देखकर खुशी जताई। आज सुबह नेचर क्लब सदस्यों ने आज सुबह खेड़ा कच्छवासा स्थित रणसागर जलाशय के साथ सुलई तालाब और खेड़ा तालाब का दौरा किया। यहंा पर बड़ी संख्या में स्थानीय व प्रवासी परिंदे जलक्रीड़ाएं इस मौके पर
संस्थान के कमलेश शर्मा,
वीरेन्द्रसिंह बेड़़सा, कनिष्क श्रीमाल, रूपेश भावसार, अख्तर खान, भव्य
श्रीमाल, केशव पाटीदार और अन्य सदस्यों ने पक्षियों के संबंध में जानकारी
संकलित की। सदस्यों ने बताया कि प्रत्येक रविवार को सदस्यों द्वारा
बर्डवॉचिंग का सिलसिला आगामी तीन माहों तक लगातार जारी रहेगा। उन्होंने
बर्डवॉचिंग कार्यक्रम में ईच्छुक पक्षी प्रेमियों को सम्मिलित होने का
आह्वान भी किया है। करते हुए दिखाई दिए। हिमालय के उस
पार, चीन, मंगोलिया, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान और साईबेरिया क्षेत्र के
विभिन्न देशों से आने वाले कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षी भी दिखाई दिए।
इस दौरान सदस्यों ने यहां पर ग्रे लेज गीज, बार हेडेड गीज़, कॉमन कूट्स,
नॉदर्न शॉवलर, पिनटेल, विज़न, रडी शॅॅलडक, गेडवाल, कॉमन पोचार्ड, सेण्ड
पाईपर, लिटल रिंग प्लावर, रेड श्रेंक, गॉडविट के साथ स्थानीय पक्षी पेंटेड
स्टॉक, वूली नेक्ड स्टॉर्क, ऑपन बिल स्टार्क, ब्लेक, व्हाईट और ग्लोसी
आईबिस, परपल हेरोने , पोण्ड व ग्रे हेरोन, कॉर्मोंरेंट, ईग्रेट्स के साथ
मध्यपूर्व के देशों से आने वाला प्रवासी शिकारी पक्षी ऑस्प्रे को देखा और
इसकी फोटोग्राफी की।
कई प्रजातियों के पक्षियों की हुई साईटिंग
डूंगरपुर-सर्दियों की दस्तक के साथ ही एक ओर जहां दूर-दराज से प्रवासी पक्षियों का जलाशयों पर आगमन शुरू हो चुका है वहंी स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की जलक्रीड़ाओं को देखने के लिए पक्षीप्रेमियों का भी इन जलाशयों पर जुटना प्रारंभ हो गया है। रविवार को इसी श्रृंखला में ‘डूंगरपुर नेचर क्लब’ के सदस्यों ने रविवार को जिले के तीन जलाशयों पर बर्डवॉचिंग की और बड़ी संख्या में स्थानीय और प्रवासी परिंदों को देखकर खुशी जताई। आज सुबह नेचर क्लब सदस्यों ने आज सुबह खेड़ा कच्छवासा स्थित रणसागर जलाशय के साथ सुलई तालाब और खेड़ा तालाब का दौरा किया। यहंा पर बड़ी संख्या में स्थानीय व प्रवासी परिंदे जलक्रीड़ाएं इस मौके पर
संस्थान के कमलेश शर्मा,
वीरेन्द्रसिंह बेड़़सा, कनिष्क श्रीमाल, रूपेश भावसार, अख्तर खान, भव्य
श्रीमाल, केशव पाटीदार और अन्य सदस्यों ने पक्षियों के संबंध में जानकारी
संकलित की। सदस्यों ने बताया कि प्रत्येक रविवार को सदस्यों द्वारा
बर्डवॉचिंग का सिलसिला आगामी तीन माहों तक लगातार जारी रहेगा। उन्होंने
बर्डवॉचिंग कार्यक्रम में ईच्छुक पक्षी प्रेमियों को सम्मिलित होने का
आह्वान भी किया है। करते हुए दिखाई दिए। हिमालय के उस
पार, चीन, मंगोलिया, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान और साईबेरिया क्षेत्र के
विभिन्न देशों से आने वाले कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षी भी दिखाई दिए।
इस दौरान सदस्यों ने यहां पर ग्रे लेज गीज, बार हेडेड गीज़, कॉमन कूट्स,
नॉदर्न शॉवलर, पिनटेल, विज़न, रडी शॅॅलडक, गेडवाल, कॉमन पोचार्ड, सेण्ड
पाईपर, लिटल रिंग प्लावर, रेड श्रेंक, गॉडविट के साथ स्थानीय पक्षी पेंटेड
स्टॉक, वूली नेक्ड स्टॉर्क, ऑपन बिल स्टार्क, ब्लेक, व्हाईट और ग्लोसी
आईबिस, परपल हेरोने , पोण्ड व ग्रे हेरोन, कॉर्मोंरेंट, ईग्रेट्स के साथ
मध्यपूर्व के देशों से आने वाला प्रवासी शिकारी पक्षी ऑस्प्रे को देखा और
इसकी फोटोग्राफी की। 
