विकास कनवा जयपुर - नवलगढ़ प्रदेश में एक ऐसी विधानसभा है जहा आज तक बीजेपी का खाता नहीं खुला है। केवल ओमप्रकाश मिंतर को ही प्रतिशत के आधार पर यहाँ सबसे अधिक मत मिले तथा दूसरे नंबर पर जगदीश सैनी रहे। विधानसभा में इस समय डॉ राजकुमार शर्मा विधायक है जो भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीते है। 1993 विधानसभा चुनाव में 96643 वोट पोल हुए थे जिसमे 95220 वोट ही वेलिड थे। जिसमें 30668 वोट विजेता प्रत्याशी भंवर सिंह को मिले। दूसरे नंबर पर रहे डॉ चंद्रभान को 26900 तीसरे नंबर पर बीजेपी के ओमप्रकाश मिंतर को 23829 वोट मिले जो कुल वोट के 25. 3 % थे । विधानसभा चुनाव 2013 में वोट 160489 पोल हुए थे। जिसमें बीजेपी प्रत्याशी जगदीश सैनी को मिले 30889 जो कुल वोट का 19. 25 % था .प्रतिभा सिंह को 43279 वोट व् विजयी प्रत्याशी डॉ राजकुमार शर्मा को 76845 मत प्राप्त हुए जो कुल वोट के 47 . 88 प्रतिशत थे। 1951 में भीम सिंह पहले विधायक जो अखिल भारतीय रामराज्य परिषद के प्रत्याशी थे। 1957 श्रीराम बासोतिया भी निर्दलीय विजयी हुए। 1962 के चुनाव में भीम सिंह ने कांग्रेस पार्टी के प्रत्यासी के रूप में चुनाव लड़ा और विजयी हुए। 1967 में स्वतन्त्र पार्टी से सांवरमल बासोतिया ने विजय प्राप्त की। 1972 में भंवर सिंह कांग्रेस से चुने गए। 1977 में नवरंग सिंह जनता पार्टी से विधायक बने। 1980 में भंवर सिंह ,1985 में नवरंग सिंह ,1990 में भंवर सिंह ,1993 भंवर सिंह 1998 में भंवर सिंह ,2003 में प्रतिभा सिंह ,2008 में डॉ राजकुमार शर्मा ,2013 में अभी डॉ राजकुमार शर्मा विधायक है। नवलगढ़ विधानसभा में सैनी समाज के लोग अधिक संख्या में है और मदनलाल सैनी उदयपुरवाटी विधानसभा से विधायक भी रह चुके है। साथ ही मदनलाल सैनी की सैनी समाज ही नहीं अपितु और सभी जातियों में अच्छी खासी पकड़ है। बीजेपी नवलगढ़ में एक बात और रही है की यहाँ एक बार प्रत्याशी बनाने के बाद दूसरी बार मौका नहीं दिया जाता है।